Wednesday, 15 June 2016

Khayal

वो ख्याल दिल का अच्छा था,
जो जवाब था तेरा वो अच्छा था,
तेरे सीने में था जो, वो ख्याल तेरा था,
में था जवाब तेरी बेवफ़ाई का, बस वो सवाल मेरा था,
दुनिया ने समझा मुझे तेरा,
वो तू था, जो हो के भी अपना ना था,
बेखयालि तेरे दिल कि तेरे पास थी,
दिल्लगी तेरी थी, दिल तेरा था,
वो मन्दिर तेरा था, समान तेरा था,
इबादत मेरी थी भगवान मेरा था,
वो दुआ मेरी थी, ज़िंद्गी कि सुबह शाम तेरी थी,
कर तो लेता बातें बहुत सी,
पर............... ना था असान मुस्कराना,
जो थे साथ सब मेरे अपने थे, वो मुझमें थे मैं उनमें था,
वो तू था, जो हो के भी अपना ना था,
वो मन्दिर तेरा था, समान तेरा था,
इबादत मेरी थी भगवान मेरा था
(C) devendra joshi