Sunday, 19 July 2020

your story

मत दुंद मेरी जुल्फों के उजाले मैं अपनी कहानी को,
मेरे चेहरे पे मत जा,
तुझे मेरी कसम,
मेरे चेहरे की हर सलवट है गवाह,
की मैंने जिंदगी की हर अदावत से वफ़ा की है .

Saturday, 18 July 2020

yakeen kar

जो मिला तुझको तेरे नसीब का ,
उसकी रेहमत है,
फैसले उसके, सवाल ना कर,
दुआ तेरी क़बूल है,
कभी तो यकीन कर,
वक़्त, हक़ , ज़मीर , रूतबा 
सब होगा करीब ,
यकीन उस पर, और दुआ जरूर कर.
© devendra joshi

Sunday, 9 July 2017

Mere parbhu

मैं आसमा की ज़िन्दगी  का तलबगार नहीं ,
मुझे नहीं चाँद तारों को पाने की चाहत,
मेरी आवाज को तेरी वफा की दरकार नहीं ,
तेरी वफा है खनकते सिक्को में ,
मेरी आवाज परवरदीगार के खाते में,
मेरे  परभू
मेरी हर  जीत तेरे खाते में मेरी हर  हार  तेरे खाते में .
©Adv Devendra Joshi

Thursday, 12 January 2017

Dil se

मुद्दते लफ्फाजी की हो गयी
तेरा सितम वक़्त से आगे था
जो थी बातें  अनकही
वो वक़्त कहता चला गया
मै था वक़्त की रेत  पर
उलझते वक़्त की लटों को सुलझाता हुआ
तू था तेरा नाम था
गुरुर तेरा रब का मुकाम था
चर्चा मेरा सरे आम था
मै  था मेरी तन्हाई थी
तुझ से जुदाई न चाही  थी मैंने
पर वक़्त था
मै बेबस  था अपनी बेवफाई पर
जो था वक़्त था
वक़्त की मुटठी में   कैद था मै रेत  की मानिंद
सरकती रही मेरी  बेबसी तेरे  रब  बनने  के साथ साथ
तू था , तेरी ऊंचाई थी , में था ,मेरी बेवफाई थी
उलझती रही लटें मेरी उमीदों की रेत  के साथ साथ
गुरुर तेरा रब का मुकाम था
सरकती रही मेरी  बेबसी तेरे  रब  बनने  के साथ साथ
तू था , तेरी ऊंचाई थी , में था ,मेरी बेवफाई थी .

(C) Devendra Joshi

Friday, 16 September 2016

Remembering Damini

हर सुबह  का सूरज  लेगा  हिसाब
वक़्त की हार  का
वक़्त के वार  का
दामिनी  पर हुए हर प्रहार  का
स्याह हुइ संवेदना  का
हर  बंद हुए रास्ते का हिसाब देना होगा
तेरी चुप्पी का
मेरी चुप्पी का
शुन्य हुइ चेतना का
कल सुबह का सूरज
पैदा करेगा वो किरणे
जो उखाड फेंकेंगी बुर्जुआ राजनीती के चोंचलों को
और तुम  कहोगे बागी  है वो
और वो कहेंगे रोक सको तो रोक लो ........................

.(c)देवेन्द्र जोशी

Wednesday, 15 June 2016

Khayal

वो ख्याल दिल का अच्छा था,
जो जवाब था तेरा वो अच्छा था,
तेरे सीने में था जो, वो ख्याल तेरा था,
में था जवाब तेरी बेवफ़ाई का, बस वो सवाल मेरा था,
दुनिया ने समझा मुझे तेरा,
वो तू था, जो हो के भी अपना ना था,
बेखयालि तेरे दिल कि तेरे पास थी,
दिल्लगी तेरी थी, दिल तेरा था,
वो मन्दिर तेरा था, समान तेरा था,
इबादत मेरी थी भगवान मेरा था,
वो दुआ मेरी थी, ज़िंद्गी कि सुबह शाम तेरी थी,
कर तो लेता बातें बहुत सी,
पर............... ना था असान मुस्कराना,
जो थे साथ सब मेरे अपने थे, वो मुझमें थे मैं उनमें था,
वो तू था, जो हो के भी अपना ना था,
वो मन्दिर तेरा था, समान तेरा था,
इबादत मेरी थी भगवान मेरा था
(C) devendra joshi

Sunday, 22 November 2015

Time to time

वक़्त की रेत पर चलते रहे, फ़िसलते रहे,
गिरते रहे तेरी हर बेवफाई के साथ,
तेरे हर वार ने सिखाया चलना, तेरे शहर के रास्तों पे,
याद बहुत आये पथरीले रास्तों पे खड़े साफदिल लोग,
जब वास्ता पड़ा तेरे शहर की मखमली सड़क पर खड़े पथरीले लोगो से।